IOWave18: भारत हिन्द महासागर में बहुपक्षीय सुनामी अभ्यास में लेगा हिस्सा

भारत 23 अन्य देशों के साथ हिन्द महासागर में बहुपक्षीय सुनामी मॉक अभ्यास IOWave18 में हिस्सा लेगा। इस अभ्यास का आयोजन यूनेस्को के अंतरसरकारी महासागर आयोग (IOC) द्वारा किया जा रहा है। इस अभ्यास में लगभग आधा दर्ज़न राज्यों से हजारों लोगों को तटीय क्षेत्रों से सुरक्षित निकाला जायेगा।

IOWave18

इस अभ्यास का उद्देश्य सुनामी के लिए तैयारी करना, प्रत्येक राज्य में लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रतिक्रिया का मूल्यांकन तथा क्षेत्र में समन्वय को बेहतर बनाना है। इस अभ्यास में हिन्द महासागर के देशों में कृत्रिम सुनामी की स्थिति में राहत व बचाव कार्य किया जायेगा। इस अभ्यास का क्रियान्वयन राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी केंद्र द्वारा किया जायेगा। इस दौरान राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी केंद्र तथा राष्ट्रीय व स्थानीय आपदा प्रबंधन कार्यालयों के बीच संपर्क लिंक का भी परीक्षण किया जायेगा। हैदराबाद में स्थित इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशन इनफार्मेशन सर्विसेज (INCOIS) इस अभ्यास में भाग लेने वाली नोडल एजेंसी होगी। यह ओडिशा, अंडमान व निकोबार द्वीप, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुदुचेरी, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात और गोवा के तटीय क्षेत्रों से 1,25,000 लोगों को सुरक्षित निकालने का कार्य करेगी।

पृष्ठभूमि

अंतरसरकारी महासागर आयोग संयुक्त राष्ट्र की संस्था है, इसने 26 दिसम्बर, 2004 की भीषण सुनामी के बाद हिन्द महासागर चेतावनी केंद्र की स्थापना में सहायता की थी। हैदराबाद में स्थित इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशन इनफार्मेशन सर्विसेज (INCOIS) केन्द्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। इसे भारतीय पूर्व चेतावनी केंद्र की स्थापना की थी, यह केंद्र अक्टूबर, 2007 से कार्यशील है। इसमें सुनामी से सम्बंधित डाटा को शीघ्र प्रसंस्कृत करने के लिए सभी आधुनिक उपकरण मौजूद हैं। डाटा को प्रसंस्कृत करने के बाद यह हिन्द महासागर क्षेत्र में सुनामी से सम्बंधित बुलेटिन भी जारी करता है।