लोकसभा ने पारित किया अपराधिक कानून (संशोधन) विधेयक, 2018

लोक सभा ने अपराधिक कानून (संशोधन) विधेयक, 2018 पारित किया। इस बिल के तहत 12 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं के यौन शोषण पर फांसी की सजा का प्रावधान है। यह बिल अप्रैल 2018 में राष्ट्रपति द्वारा जारी किये अध्यादेश का स्थान लेगा। इस बिल के द्वारा भारतीय दंड संहिता और पोक्सो एक्ट में संशोधन किये गए हैं।

मुख्य बिंदु

इस विधेयक के द्वारा 12 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं के यौन शोषण के लिए 20 वर्ष की कैद अथवा मृत्युदंड की सजा का प्रावधान है, जबकि 12 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं के सामूहिक यौन शोषण के लिए उम्र कैद अथवा मृत्युदंड का प्रावधान है। 16 वर्ष से कम आयु की किशोरी के यौन शोषण के लिए अधिकतम सजा को 10 वर्ष से बढाकर 20 वर्ष किया गया है, इसे उम्र कैद में भी बदला जा सकता है। जबकि व्यस्क महिला के यौन शोषण के लिए सश्रम कारावास की सजा को 7 वर्ष से बढाकर 10 वर्ष किया गया है, इसे उम्र कैद में भी बदला जा सकता है।

इस बिल में शीघ्र ट्रायल की व्यवस्था की गयी है, इसके अनुसार ट्रायल 2 महीने में पूरा हो जाना चाहिए। 16 वर्ष के कम उम्र की बालिकाओं के यौन शोषण के मामले में आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं दी जाएगी।