चीन ने अफ्रीका के लिए 60 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता देने की प्रतिबद्धता ज़ाहिर की

चीन ने अफ्रीका में गरीबी उन्मूलन, भूखमरी समाप्त करने, सुरक्षा व उद्योग को सशक्त करने के लिए 60 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता ज़ाहिर की है। इसकी घोषणा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तीसरे चीन-अफ्रीका सहयोग फोरम (FOCAC) के उद्घाटन के दौरान की।

FOCAC चीन और अफ्रीका महाद्वीप के सभी देशों (एस्वतिनी को छोड़कर) के बीच आधिकारिक फोरम है। इसकी शुरुआत वर्ष 2000 में बीजिंग में मिनिस्टीरियल कांफ्रेंस के रूप में हुई थी, तत्पश्चात इसका आयोजन प्रत्येक तीन वर्ष चीन व अफ्रीका में बारी-बारी से किया जाता है।

मुख्य बिंदु

प्रमुख क्षेत्र : इस फोरम में फंडिंग के लिए आठ प्रमुख क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है,यह क्षेत्र उर्जा, परिवहन, दूरसंचार तथा जल संसाधनों का इष्टतम उपयोग इत्यादि हैं। आने वाले समय में चीन इन क्षेत्रों में अफ्रीका में कार्य करेगा।

आर्थिक व व्यापारिक सहयोग : चीन, अफ्रीका में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक व व्यापारिक सहयोग जोन की स्थापना करेगा। इससे स्थानीय मुद्रा में भी भुगतान को बढ़ावा मिलेगा। इससे अफ्रीका में 2030 तक खाद्य सुरक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रयास किया जायेगा।

सुरक्षा : अफ्रीका में सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए चीन शान्ति व सुरक्षा फण्ड स्थापित करेगा। इसमें साहेल क्षेत्र के देशों तथा अदेन की खाड़ी व गिनी की खाड़ी के निकट के देशों की सहायता की जाएगी, यह देश समुद्री लुटेरों से काफी प्रभावित हैं। इसके अलावा चीन अफ्रीकन यूनियन को सैन्य सहायता भी उपलब्ध करवाएगा। चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत 50 चीन-अफ्रीका सुरक्षा सहायता प्रोग्राम लांच किये जायेंगे। चीन जिबूती में नौसैनिक अड्डा पहले ही स्थापित कर चुका है।

पर्यावरण सुरक्षा : अफ्रीका में पर्यावरण प्रबंधन, प्रदूषण रोकथाम व नियंत्रण तथा हरित क्षेत्र के विकास के लिए चीन अफ्रीका ग्रीन एन्वोय प्रोग्राम लांच किया जायेगा। पर्यावरण सहयोग के लिए एक अनुसन्धान केंद्र भी स्थापित किया जायेगा।

वित्तीय मैकेनिज्म : अफ्रीका की वित्तीय सहायता के लिए एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB), न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) तथा सिल्क रोड फण्ड की सहायता ली जाएगी। 60 अरब डॉलर में से 15 अरब डॉलर ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दिए जायेंगे, जबकि 20 अरब डॉलर क्रेडिट लाइन के रूप में दिए जायेंगे। 10 अरब डॉलर चीन-अफ्रीका विकास के लिए विशेष फण्ड में उपयोग किये जायेंगे तथा अफ्रीकी आयातों के लिए 5 अरब डॉलर का विशेष फण्ड स्थापित किया जायेगा।